ब्राजील में बोल्सनारो सरकार ने बनाए रेप पीड़िताओं के लिए क्रूर कानून |

ब्राजील में बोल्सनारो सरकार ने बनाए

रेप पीड़िताओं के लिए क्रूर कानून |

ब्राजील में बोल्सनारो सरकार ने बनाए रेप पीड़िताओं के लिए क्रूर कानून | ब्राजील के जायर बोल्सनारो (Jair Bolsonaro) सरकार द्वारा बनाये गए नए नियमों के अनुसार महिला चाहे या न चाहे बलात्कार (Rape)होने की सूचना पुलिस को दी जाए.

ब्रासीलिया. ब्राजील में गर्भपात (Abortion) की मांग कर रही रेप पीड़िता (Rape Victim) के संदर्भ में नए नियमों का विस्तार किया.

इन नियमों में एक नियम यह भी है कि मेडिकल स्टाफ को पीड़िता को यह बताना होगा कि वह अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण को देख सकती है.

धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो (Jair Bolsonaro) के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बनाये गए नए नियमों के अनुसार

महिला चाहे या न चाहे बलात्कार होने की सूचना पुलिस को दी जाए.

बलात्कार की पीड़ित महिला को उसके साथ जो भी हुआ उसका पूरा विवरण पुलिस को देना होगा

और अगर किसी हालत में वह बलात्कार की घटना को साबित करने में असमर्थ है

तो उस पर धोखाधड़ी और गैरकानूनी तरीके से गर्भपात करवाने के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है.

 

10 साल की रेप पीड़िता को गर्भपात से रोका

ब्राजील में गर्भपात की अनुमति केवल कुछ मामलों में दी जाती है.

ब्राजील में गर्भपात की अनुमति बलात्कार,

महिला के जीवन को खतरा महसूस होने पर या बच्चे में किसी तरह के गंभीर मानसिक जन्म दोष की स्थिति में ही दी जाती है.

अंतरिम स्वास्थ्य मंत्री और सेना के जनरल एडुआर्डो पज़ुएलो द्वारा जारी नए नियमों को इसके लागू करते ही जनता का विरोध झेलना पड़ा.

इस महीने की शुरुआत में एक 10 साल की लड़की का मामला सामने आया

जिसमें उसका उसके चाचा द्वारा कथित रूप से बलात्कार किया गया था

और उसके गृह राज्य एस्पिरिटो सैंटो ने उसे गर्भपात करवाने से मना कर दिया था.

फिर उस लड़की को देश के उत्तर पूर्वी शहर रेसिफ़ में जाकर गर्भपात करवाना पड़ा.

हालांकि वहां भी दक्षिणपंथी आंदोलनकारियों और राजनेताओं का उग्र प्रदर्शन झेलना पड़ा.

 

सूचना देने वाली महिला ही थी

प्रदर्शनकारियों को सूचना देने वाली राष्ट्रपति की समर्थक थी.

लड़की की पहचान और अस्पताल के बारे में सूचना देने वाली राष्ट्रपति बोल्सनारो की समर्थक सारा विंटर थी.

सारा विंटर महिला मंत्री डैमारेस एल्वेस की करीबी है और एक पादरी भी है.

सारा ने उसे अस्पताल में भर्ती करने वाला वीडियो ऑनलाइन पोस्ट कर दिया था

जिससे प्रदर्शनकारियों को लड़की के बारे में सूचित किया जा सके.

 

गजट में प्रकाशित स्वास्थ्य मंत्रालय के इन नए नियमों से गर्भपात के अधिकार से जुड़े समर्थकों में तत्काल आक्रोश फैल गया.

ऐसी ही एक कार्यकर्त्ता और सांसद डॉक्टर जंदिरा फागली ने ट्विटर पर लिखा कि “मैंने आज के स्वास्थ्य मंत्रालय के फैसले को रोकने के लिए कांग्रेस में एक बिल पेश किया है.

यह नया कानून कानूनी रूप से गर्भपात करवाने की राह में एक बाधा है और

महिलाओं के खिलाफ मनोवैज्ञानिक हिंसा का कारण बन सकता है.

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